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सत्यमेव जयते

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संसार !

Posted On: 5 Sep, 2017 में

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आदरणीय मित्रों ,…..सादर प्रणाम !

कठोर अहंकारी मानवीय मशीन में कार्यरत पापी मूर्खत्व की पराकाष्ठा संसार में स्पष्ट दिख रही है ,…… ‘किम जोंग उन’ नामक अहंकारी राक्षस संसार को त्रासद पतन में धकेलने पर आमादा लगता है !………..हम उसकी पीड़ित आत्मा से प्रेम करते हुए भी उसके वीभत्स अस्तित्व और उसके भयानक कुकर्मों से घृणा ही करेंगे !………..संभवतः उसके पापों का घड़ा भर चुका है !……….हममें से प्रत्येक को अपनी पैदा की पीड़ा अवश्य ही भोगनी होती है !………..आज कोरियाई जापानी अमेरिकी मानवता ही नहीं सम्पूर्ण धरती एक नीच इंसानी अहंकार से भयग्रस्त है !………शैतानों के गुप्त सहायकों को भी अपने हिस्से की स्वाभाविक पीड़ा उठानी ही पड़ेगी !………..चीन उत्तर कोरिया का प्रमाणित प्रत्यक्ष अन्तरंग साथी है ,……..हमारे सामने और बड़ा प्रश्न भी उठता है ,…..कितनी समझदार चतुर शक्तियों ने स्वार्थ साधन हेतु राक्षसी पागलपन को पाला पोषा है !………..खैर कितनी भी हों ,…कोई भी हों !……..सबको समझना चाहिए कि प्रत्येक स्थिति का अंत अवश्य होता है ,…हमें यह भी मानना होगा कि ,..अब तक जो हुआ उसे होना ही था !……….यदि संसार में कुछ बदला जा सकता है ,….तो …… पवित्र पुरुषार्थ से धैर्यपूर्ण समयानुकूलन द्वारा ही बदला जा सकता है ,…… बदला लेने का प्रयत्न पाप का असीमित प्रसारण करता है ,……….इसकी कीमत चुकाने में हमारा महान मानव जीवन नाकाम है !……कब्जाकारी नीयत से घातक कब्ज होती है ,….कब्ज से भयानक रोग उत्पन्न होते हैं !………कभी कभी एक गलती की कीमत पूरा संसार चुकाता है !

उत्तर कोरियाई तानाशाह अत्यंत क्रूर स्वार्थी निष्ठुर निरंकुश राक्षसी इंसान है ,….इंसान क्या ,…इंसान के शरीर में साक्षात शैतान है ,…….अपने कठोर मिथ्याभिमान में उसने किसी को नहीं बक्शा है !…..शायद उसको कभी मानवीय प्रेम का मीठा अनुभव ही नहीं मिला है !……..संभवतः यह दुर्दशा उसकी क्रूर कठोर परवरिश, अहंकारी शिक्षा का परिणाम है !………बहरहाल इस समय उससे सिर्फ नफरत की जा सकती है ! …..लेकिन …….सम्पूर्ण मानवता को आम उत्तर कोरियाई मानवता से प्रेम करना चाहिए !……….इस विषय में हमारा संयुक्त राष्ट्र संघ भी अत्यंत चिंतित है ,……..आर्थिक प्रतिबंधों से अहंकार का कारगर उपचार हो पाना संभव नहीं लगता है !…….अमेरिका भी भरसक प्रयासों में जुटा है ,…..अभ्युदयी शक्तिशाली अमेरिका को अपने और रूस के महान राष्ट्रपति के बीच के मैत्रीपूर्ण निजी संबंधों का लाभ उठाना चाहिए ,……..दोनों सम्मानीय आदरणीय राष्ट्रप्रमुख लोकतंत्र के सक्षम संपन्न रत्न हैं !…….रूस अमेरिका में मैत्री श्रेष्ठतर संसार की संभावनाओं को और उज्जवल करेगी !……आदरणीय श्री ब्लादिमीर पुतिन जी के नेतृत्व वाला महान रूस आज मानवता की सहायता करने की अच्छी स्थिति में है ,…….मानवता सबसे आशान्वित है ! …….श्रीमान डोनाल्ड ट्रंप जी में मानवता को श्रेष्ठ संभावनाएं दिखती हैं !…….. विनाशक हथियारों से मुक्त संसार बनाने की उनकी इच्छा अत्यंत सराहनीय है !…..कितना अच्छा होगा यदि सभी देश अपने परमाणु हाइड्रोजन बमों का अमानवीय जखीरा संयुक्त राष्ट्र संघ को सौंप दें ,……लेकिन उससे पहले संयुक्त राष्ट्र संघ को और व्यापक प्रभावी शक्तिशाली बनाना चाहिए !……..भारत समेत अन्य समर्थ सात्विकताप्रधान लोकतांत्रिक देशों को सुरक्षा परिषद् का स्थायी सदस्य बनना चाहिए !…….चीन की तरह कोई देश नाजायज वीटो शक्ति का अनुचित प्रयोग कदापि न कर सके !……….हमें यह भी ध्यान रहना चाहिए कि पर्यावरण की अनदेखी भी हमारे लिए घातक है !……हमारे पूज्य प्रधानमंत्रीजी ने बहुत अच्छी बात कही है ,……मानवता के पोषण के लिए प्रकृति का सम्मानपूर्वक दोहन होना चाहिए ,….शोषण के परिणाम अत्यंत घातक हैं !……यह बात भारतीय संस्कृति के मूल में है !…….दोनों कार्यों को हम एक साथ लेकर चल सकते हैं !………पीड़ित प्रकृति के प्रकोप का परिणाम मानवता भोग देख रही है !……विनाशक हथियारों से पूर्णमुक्ति भी अतिशय आवश्यक है !………

श्रेष्ठ मानवीय सत्ताओं को निरंतर अपनी प्रकट गुप्त कुंठाएं अहंकार पहचानने त्यागने चाहिए !……… …………… निरंकुशता अमानुषता को नियंत्रित करने के लिए सबको मिलकर प्रखर प्रयत्न करने चाहिए !……….जालिम तानाशाह को संभवतः अपनी सनकों के आगे कुछ नहीं दिखता है ,…….अंतिम मानवीय सन्देश द्वारा उसे लोकतंत्र के सामने सम्मानपूर्वक आत्मसमर्पण का अवसर देना चाहिए !…………अन्य सभी रास्तों का उपयोग सक्षम राजसत्ताएँ जानती हैं ,………….कूटनीति वार्ता के अलावा गुप्त सीमित अभियान द्वारा भी उसे मिटाया जा सकता है ,……..इतने क्रूर इंसान का कोई सच्चा साथी हो ही नहीं सकता है !……उसके बिस्तर तकिये तक उससे नफरत करते होंगे !……..यदि एक राक्षसी इंसान को मिटाकर मानवता बच सकती है ,….तो …. उसे मिटाने में संसार की समस्त मानवीय दैवीय शक्तियां सहायक होंगी !……..एक वधयोग्य व्यक्ति के प्राणहरण से धरती पर छाई अनिश्चितता छंट सकती है !…..नैतिक शक्ति से भरे हमारे समर्थ समर्पित सुरक्षाबल संसार पर छाई इस अहंकारी बीमारी को बिना फैलाए मिटा सकते हैं !……….यदि युद्ध ही मात्र विकल्प बचे तो उसे ऐसे दबोचना चाहिए जैसे गरुड़ विषधर को दबोचता है !…………भारी विनाशक हथियारों के दौर में युद्धस्थिति संसार के लिए अत्यंत पीड़ादायक हो सकती है ,…..इससे यथासंभव बचना ही उच्च मानवीय आदर्श है ,…लेकिन ……मानवता को बचाने के लिए युद्ध लड़ना भी उच्चतम आदर्श है !…….उत्तर कोरिया को पापी तानाशाही से मुक्ति दिलाकर यथाशीघ्र उत्तर दक्षिण का मानवीय मिलन कराना समर्थ सत्ताओं का महान दायित्व है !

सांसारिक प्रबंध के लिए लोकतंत्र सर्वश्रेष्ठ यंत्र है ,…..यद्यपि यह दोषरहित नहीं है लेकिन सफलतम यंत्र को दोषरहित बनाने के सदप्रयत्न होते रहने चाहिए !……प्रत्येक आम जनता को अपना राज प्रतिनिधि चुनने का अधिकार होना चाहिए ,…..चुने गए प्रतिनिधि और पूरे समाज में उभयपक्षीय निष्ठा लोकतंत्र का अनिवार्य आधार है !……लोकतंत्र में अहंकार पिघलते रहते हैं ,….समाज में समता सहिष्णुता बढ़ती रहती है !……….चीनी सत्ता भी अपने यहाँ लोकतंत्र को अधिक समय नहीं रोक पाएगी !……..सद्वृत्तियों को रोकने के प्रयासों में अहंकार स्वयं को ही पीड़ा पहुंचाता है !………आदरणीय चीनी राष्ट्रपति महोदय का वर्तमान विनम्र झुकाव सराहनीय है !……प्रत्येक अस्तित्व स्थायी शान्ति चाहता है !……..BRICS सम्मलेन की शानदार सफलता के लिए हम सभी सदस्य देशों और उनके सम्मानीय प्रमुखों का सादर अभिवादन हार्दिक अभिनन्दन करते हैं ,……..सफल श्रेष्ठ आयोजन के लिए चीन हार्दिक बधाई का निश्चित पात्र है !…………ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका में संसार की बयालीस प्रतिशत मानवता रहती है !…………..इस दल से संसार को श्रेष्ठ दिशा मिल सकती है !………आतंकवाद के प्रति कटुता स्वाभाविक मानवता है ,……आतंकवाद के प्रति पूर्ण असहिष्णुता मानवता की महान आवश्यकता है ……अब हम आशा करते हैं कि चीन किसी भी रूप में कहीं भी कभी भी आतंक का समर्थन नहीं करेगा !…… …हमसबको मानवता के लिए मिलकर चलना और चलते रहना चाहिए !………माननीय मोदीजी का दिया पवित्र मन्त्र ‘सबका साथ-सबका विकास’ सम्पूर्ण मानवता की अनिवार्य आवश्यकता है !………श्री शी चिनफिंग जी चीन के योग्य सफल शासक हैं !……हम उनके पुनः पदस्थापन की कामना करते हैं !…..चीन के साथ संसार उनसे बहुत अपेक्षाएं रख सकता है !……..मानवता के लिए उनको तिब्बत से शीघ्र न्याय करना चाहिए ,………तिब्बत की स्वतंत्रता महान भागवत इच्छा है ,……..मानव उनका यंत्र बनकर धन्यता पाता है ,…….भागवत इच्छा के आगे मानवीय कामनाओं का कोई मूल्य नही है !……..उन्हें अपने महान देश में लोकतंत्र का स्थायी आधार भी रखना चाहिए !………..चीन ने आर्थिक सामरिक क्षेत्र में अच्छी उन्नति की है ,….अब उसे नागरिक स्वतंत्रता और नैतिकता पालन की दिशा में बढ़ना चाहिए ,….अन्यथा ये कोरी कमाई किसी काम नहीं आने वाली है !………चीन को पाप में पस्त पाकिस्तान के उद्धार में सच्चा सहायक बनना चाहिए !……..आज पाकिस्तान एक आतंकी देश है ,….निम्न स्वार्थों के लिए नीचता का नाजायज प्रयोग मानवता से अपराध है !……खंडित मानसिकता, दोहरे आचरण का घिनौना धंधा हमें छोड़ना होगा !…….भारत चीन अवश्य ही अच्छे सच्चे पडोसी बन सकते हैं !…….

पाकिस्तान के उद्धार के लिए उसे वहाबी आतंकराज से मुक्ति दिलानी होगी !…….नापाक पापी पाकिस्तानी सेना आतंक की मुख्यतम पालक है !……..मानवता को मिलकर उसे शीघ्र शक्तिहीन करना चाहिए !………पापी पाकिस्तान को अमेरिका और चीन दोनों से बेहिसाब लाभ मिलता रहा है ,…….आतंकपरस्त पाकिस्तान को बिगडैल बदमाश बनाने वालों की बड़ी प्राथमिक जिम्मेदारी है !………पराजय के बिना कठोर पापी मानसिकता अक्सर नहीं टूटती है ,…….हमारे आदिपवित्र कश्मीर का एकीकरण संसार में पुण्य प्रकाश लाएगा !……बलूचिस्तान की स्वतंत्रता भी मानवता की अत्यंत तीव्र आवश्यकता है !……..इससे अफगानी मानवता को भी बहुत राहत मिलेगी !……..लगभग पूरा पाकिस्तान कैंसर जैसी पीड़ा से कराह रहा है ,…..पाकिस्तानी मानवता के लिए बड़ी शल्य चिकित्सा अनिवार्य है !… …….बहुतायत पाकिस्तानी अवाम भारत में अपना सुखद भविष्य देख रही है !………वैसे ….कुछ स्वार्थी मुल्लाशाह भारत में भी डटे बैठे हैं ,……सत्य की प्रत्येक पुकार का विरोध करना इनकी तम्बाकू चबाने जैसी गन्दी आदत है !…..तमाम विद्वान् प्रगतिशील मुसलमान इनकी फैलाई गन्दगी से लाचार लगते हैं ,…..यद्यपि प्रत्येक कर्म का फल सुनिश्चित है !….प्रत्येक सद्कामना स्वयं में पुरस्कार होती है !………. भारतीय मुसलमानों का सर्वाधिक अहित क्रूर कठमुल्लाई ने किया है !……..हमारे गए गुजरे भ्रष्ट राजदलों में इनकी अनैतिक तुष्टि द्वारा मुसलमानी वोट हथियाने की प्रवित्ति रही है !……….वोटबैंक की इस प्रवित्ति के परिणाम हमारे लिए बहुत हानिकारक रहे हैं ,…….अंधी कठमुल्लाशाही में अपनी पराई किसी भी मानवता को देखने की क्षमता नहीं है ,….यह इस्लाम मानवता का निश्चित शत्रु है !…………..दूषित मानसिकता का स्वैछिक परिवर्तन कल्याणकारी होता है !………अकड़नों अडचनों के बावजूद भारतीय परिस्थितियों में तीव्र परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है !…….महान मोदी राज में आम मुसलमान अवाम दुष्ट कठमुल्लाशाही की जकड़न से आजादी पा रहा है !……..गुलाम वोटबैंक का मिथक पिघल रहा है !…..मुस्लिम समाज विशेषकर मुस्लिम महिलायें मोदी सरकार की चिरकृतज्ञ हो चुकी हैं !………..भारत में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच आत्मजागरण द्वारा महान कार्य कर रहा है ,………मानवता अपने प्रति जागृत मानवों को नमन करती है !……भारत समस्त सद्शक्तियों का सदैव हार्दिक अभिनन्दन करता है !……..उत्थानकारी आत्माओं की सहायता शक्तिमान नियति स्वयं करती है ,……..स्वार्थी अंधों का निर्णय उनके पापी घड़ों के अनुसार होता ही है !……….पाप के धन से पाप का प्रसार करते कश्मीरी अलगाववादी अपने देश,अपनी अवाम के साथ इंसानियत और खुद अपनी रूह के गुनाहगार हैं !……….हमारे पूज्यनीय पराक्रमी प्रधानमंत्रीजी का अनन्य मानवता प्रेम उनको दैवीय शक्तियों से सुसज्जित करता है ,…….उनकी सफलताएं सुनिश्चित हैं !………महकते कश्मीर में बारूदी दुर्गन्ध फैलने के पीछे एकमात्र कारण अमानुषी वहाबी अन्धस्वार्थ है !…… अब कश्मीर में पुनः प्रेमिल बयार बहने की बारी है !……..इस्लाम की वहाबी सोच पूरे इस्लाम के लिए घातक है ,…इसने पूरे संसार को बहुत पीड़ा दी है ,….हमें मिलकर इसे मिटाना ही चाहिए !……..खुद को इंसान मानने वालों को बार बार अपना आत्मावलोकन अवश्य करना चाहिए !…… म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों की बदहाली इसी दुष्ट वहाबी मंत्रतंत्रयंत्र की देन है !………हमारे गतिमान प्रधानमंत्रीजी म्यांमार पहुँच चुके होंगे !……….लोकतंत्र मानवता के लिए घोर संघर्ष करने वाली आदरणीया ‘आंग सांग सू की’ आज वहां की प्रशासक हैं !…….हम उनका हार्दिक अभिनन्दन वंदन करते हुए प्रत्येक समस्या का मानवीय समाधान निकलने की कामना करते हैं !

अंततः हम संसार स्वामी परमशक्ति से प्रार्थना करते हैं कि वो मानवता की सुनिश्चित दिव्य विजय का पथ सुगम करने की परमकृपा करें !…………..हममें से अहंकारी दुष्टता के बीज ही समाप्त हो जाँय ,….हम अपनी कमियों गलतियों को स्पष्ट देख सकें !……..मानवता मलिन मानसिकता से ऊपर उठे ,……ताकि धरती पर पुनः कोई क्रूर शैतानी तानाशाह न बने !…….हमसब सदैव प्रेम शान्ति सद्भाव मैत्री से ओतप्रोत रहकर मानवता का विकास मिलकर करते रहें !……..हमें महर्षि अरविन्द की यह महान घोषणा याद रखनी चाहिए कि ,… “मानव एक अंतरवर्ती सत्ता है ,..अंतिम नही !” ……हमारी चलायमान धरा मानव यात्रा के अगले चरण की प्रतीक्षा में उत्सुक व्याकुल है !….….ॐ शान्ति !………..भारत माता की जय !!…………….वन्देमातरम !!!

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